भारत में क्यों जरुरी है शिक्षा ? | Why is education important in India?

भारत में क्यों  जरुरी है शिक्षा ? 



 हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग  में जहा आज हम बात करेंगे शिक्षा के बारे में  हमारे जीवन में क्यों जरुरी है शिक्षा क्यों अगर हमारे भ्जिवन को अच्छा करना है तो हमें सबसे पहेले पढाई करनी पड़ेंगी तब जाकर आप अपना जीवन बेहतर बना शकते है | अगर कोई भी देश को आगे बढ़ना है तो सबसे पहेले उसके नागरिक को पढना ज्यादा जरुरी है तब ही वह आपने देश मई या समाज में होने वाली साडी बातो को बोहोत ही अच्छे से समजेगा और बोल पायेगा अगर आप पढ़े लिखे नहीं है तो आपको बोहोत कुछ बता कर चुप करवा दिया जायेगा जब की आपको समाज आना चाहिए की क्या करना है इसके लिए आपका पड़ना बोहोत ही ज्यादा जरुरी हे |

अगर आप शिक्षित है और आपको शिक्षा का अर्थ ही नहीं पता तो आपकी शिक्षा का कोई मोल नहीं है |

आपको अगर पुछा जाये की किसी भी देश को अगर आगे लाया जाये तो उसमे क्या सबसे ज्यादा जरुरी है कोई भी देश को आगे लेन के लिए क्या करना चाहिए तो कोई भी समजदार इन्सान यही कहेंगा की हर १ नागरिक पढ़ा लिखा होना चाहिए कोई भी कम नेता करे या करे पर उसको यही तो करना ही है की सभी बच्चो को फ्री में शिक्षा दी जाये जब देश का हर १ इन्सान पढ़ा लिखा होंगा तब ही कोई भी देश आगे आ शकता है अगर किसी भी देश को किसी भी समाज को आगे लाना है तो उसकी शिक्षा पर कम होना चाहिए अगर कोई भी देश ताकतवर हो जाये तो उसके पीछे शिक्षा ही होती है आप अगर पढ़े हुए लीग से और अनपढ़ लोग से बात करेंगे तो आपको शिक्षा का फर्क पता चल जायेंगा की शिक्षा कितनी ज्यादा जरुरी है अगर शिक्षा का पॉजिटिव तरीके से उपयोग किया जाये तो जो शिक्षा कर शक्ति है वह और कोई भी नहीं कर शकता है अगर ऐसा पूछा जाये की ऐसी कोण सी चीज है जिस पर कम करने से जो भारत देश हे वह महानता की श्रेणी में आ जाये तो उसका जवाब होगा शिक्षा अगर शिक्षा पर ठीक से कम किया जाये तो अगले १० सालो में भारत महानता की श्रेणी आ जाये कितनी ज्यादा जन संख्या हे हमारे भारत में आब आप यह सोचिये की अगर १ घर में ५ लड़के है वह पाचो आईएस है तो उसके पिता तो विदेश में कब्ज़ा कर लेंगे अब इसको आज के स्थिति के अनुरूप कहे तो अगर ५ बेटे हे उसमे से १ आईएस है और ४ बेरोजगार तो वही गरीबी ऐसी हालत हे हमारे देश की शिक्षा के न होने से अब बात करते हे | अब बात करते हे १ कहानी के बारे में जब बीरबल के सामने आया १ कठिन सवाल अकबर ने ऐसा कहा की जो सरे शाही लोग जिस दरबार में बैठते है वही पर १ आम आदमी को बिठाना है देखिये हर कहानी का यह मतलब नहीं होता है की आप सिर्फ उसको सुन ले अगर आपको उस कहानी का सर पता चल जाये वह कहानी क्या कहना चाहती है वह पता चल जाये तो हम यही कहानी को अपने जीवन में भी कोई भी जगह पर अच्छे के लिए उपयोग कर शकते है आब आगे बढ़ते है वह जो आम आदमी था उसको दरबार में लाया गया और अकबर से पूछा गया की हम इस आदमी को अपने दरबार में शामिल कर शकते है |

एक पढ़े लिखे इन्सान की विचारधारा ऐसी होनी चाहिए | 

अब अकबर ने बीरबल को पूछा की क्या किया जाये तो बीरबल ने कहा की में यह आदमी से सवाल करूँगा अगर इसने सरे सवालों का सही जवाब दे दिया तो इसको दरबार में शामिल किया जा शकता है अब वह आदमी से पूछा गया की आप परीक्षा देने के लिए तैयार है वह आदमी ने हा बोल दिया बीरबल ने पूछा की बताओ अभी अकबर बादशाह के मन में क्या चल रहा है तो उस आदमी ने कहा की अकबर चाहते है की उसका साम्राज्य पूरी दुनिया में हो साडी सुन्दर कन्याओं के साथ इसका विवाह हो जाये तो यह बात बिलकुल ही सही निकली यह जो चीज है वह कहा से आती है तो वह चीज शिक्षा से आती है | अगर कोई भी इन्सान आज से ही अपने ध्येय पर ही ध्यान दे तो सब होगा अगर कोई इन्सान ऐसा समज ले की आज नहीं कुछ करता और कल की राह देखता है और कुछ नहीं करता वह अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर शकता आपको आज से ही जीवन में कम करना है यही सोच भी आपको शिक्षा ही देती है जो लोग कल के बारे में सोचते है वो कुछ तो कर शकते है लेकिन जो लोग अपने भूतकाल के बारे में सोचते रहते है वह लोग कुछ भी नहीं  कर पाते  है और आपको आज के लिए सोचना है यह  सोच भी आपको शिक्षा से ही मिलती है | आप सभी लोग तो शुभाषचन्द्र बोज को तो जानते ही हे वह अंग्रेजो के समय में १ इंटरव्यू बदने गए थे जिसमे उनसे पुछा गया की बॉस क्या कर शकते है उनका जवाब था की बॉस सब कुछ कर शकता हे तो सामने वाले इन्सान ने कहा यह अंगूठी हे इसमें से बॉस को निकाल दो तो सुभाषचन्द्र बोज ने १ कागज पर बॉस लिख दिया और उसको अंगूठी में से बहार निकाल दिया तो यह जो चीज हुयी वह कहा से आती है तो वह हमें शिक्षा से मिलती हे |

आपको यदी  यह बात जानने को मिली हे की कोई भी  शिक्षित व्यक्ति धर्म में भेद भाव कर रहा है तो वह इन्सान शिक्षित ही नहीं है क्युकी जिस इन्सान ने शिक्षा ली है वह कभी भी किसी बी ही धर्म के बारे में कुछ भी ऐसा वैसा नहीं बोलता है और सभी धर्म का आदर करता है क्युकी जो इन्शान शिक्षित है उसको पता है भले ही सबसे धर्म अलग है पर सभी लोग तो १ ही हेना तो अगर आपने किसी से कहा है की यह पढ़े लिखे इन्सान के धर्म के बारे में ऐसा कहा तो यह गलत बात है किसी भी इन्सान को पता होना चाहिए की भगवान एक ही है उसमे कभी भी भेद भाव नहीं होना चाहिए सिर्फ नाम अलग है अगर शिक्षित इन्सान कहेंगा की हमारे और तुम्हारे भगवान अलग है तो आपकी शिक्षा का अंत तो जायेगा आपने जितनी  भी पढाई की है सब कुछ कम की ही नहीं रहेंगी क्युकी आपको पता ही नहीं है की इन्सान शिक्ष से जागृत होता है न की वह अंधविश्वास करे तो जो भी इन्सान शिक्षित है उसका अलग नजरिया होना चाहिए तब ही उसकी शिक्षा सार्थक होंगी |

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